प्रयागराज। निषादराज किले की पावन धरती श्रृंगवेरपुर धाम में सोमवार को उस वक्त सियासी पारा चढ़ गया, जब यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषा...
प्रयागराज। निषादराज किले की पावन धरती श्रृंगवेरपुर धाम में सोमवार को उस वक्त सियासी पारा चढ़ गया, जब यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद विवादित स्थल पर धरने पर बैठ गए। महाराजा गुहाराज निषाद की जयंती पर आयोजित रैली में शामिल होने पहुंचे मंत्री ने एक मस्जिद को अवैध बताते हुए उसे तत्काल हटाने की मांग की। मंत्री के इस कदम के बाद मौके पर हजारों समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा है, जिससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।
![]() |
| Purvanchal Samachar |
15 साल पुराने 'जख्म' का दिया हवाला
पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से मुखातिब संजय निषाद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस स्थान पर आज मस्जिद खड़ी है, वहां 15 साल पहले मंदिर के पुजारी की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि श्रृंगवेरपुर धाम की पवित्र जमीन पर दूसरे समुदाय ने अवैध कब्जा कर रखा है। निषाद राज पार्क के पास, जहाँ भगवान राम और निषाद राज की 51 फीट ऊंची प्रतिमा है, वहां इस मस्जिद की मौजूदगी को उन्होंने आस्था के साथ खिलवाड़ करार दिया।
मिशन 2027 का शंखनाद या धार्मिक ध्रुवीकरण?
रविवार को गोरखपुर में 3000 बाइकों के साथ शक्ति प्रदर्शन करने के बाद संजय निषाद का यह रुख 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि सपा-बसपा ने निषाद समाज से उनकी शिक्षा और रोजी-रोटी छीनी है। अपनी जाति को अनुसूचित जाति में शामिल कराने की मांग को लेकर वह प्रदेश भर में चार बड़ी रैलियां करने जा रहे हैं।
